spot_img

सड़क हादसें में फिर गई 14 मवेशियों की जान ,रोका-छेका अभियान पर लगा रहा प्रश्न चिन्ह, पिछले दिनों ही 12 मवेशियों की हुई थी मौत

Must Read

Acn18.comकोरबा/ आवारा मवेषियों के संरक्षण के नाम पर कोरबा में चलाया जा रहा रोका-छेका अभियान महज औपचारिता साबित हो रहा है। योजना के तहत सड़क पर विचरण कर रहे मवेषियों को गौठान लाकर चारा-पानी मुहैया कराया जाना है लेकिन पचंायत प्रतिनिधीयों की लापरवाही से मवेषी सड़क पर ही जमे हैं और हादसे का षिकार होकर अपनी जान गंवा रहे है। पिछले दिनों ही कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अज्ञात वाहन की ठोकर से 12 मवेषियों की जान चली गई थी बावजूद इसके इस घटना से सबक नहीं लिया गया और एक बार फिर से इसी मार्ग पर ग्राम तानाखार के समीप अज्ञात वाहन ने दर्जन भर से अधिक मवेषियों को कुचल दिया जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सवेरा होती है लोगों ने सड़क पर बिखरे मवेषियों की लाष देखी तो आक्रोषित हो गए। इस घटना को लेकर लोगों ने सीधे तौर पर पंचायत प्रतिनिधीयों को दोषी ठहराया है,जो मवेषियों को गौठानों में लाने के बाजाए खुले में छोड़ दिए है। जिसके कारण वे साफ-सुथरे स्थान की तलाष में सड़क पर विचरण कर अपनी जान गंवा रहे है।

Latest News

ढाई बरस में पहली बार विभाजन, चंदूलाल मेडिकल बिल संशोधन विधेयक पर मत विभाजन.. मत विभाजन के बाद संशोधन प्रस्ताव ख़ारिज

रायपुर। राज्य बनने के बाद पाँचवी विधानसभा के कार्यवाही काल में यह पहला मौक़ा है जबकि संशोधन विधेयक पर...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -