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उत्तरप्रदेश में चुनावों से पहले जनसंख्या नियंत्रण विधेयक बन सकता है योगी का मास्टर स्ट्रोक; जानिए इसके बारे में सब कुछ

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acn18.com/ उत्तरप्रदेश ने अपना जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की पेशकश की है। UP स्टेट लॉ कमीशन ने इसका ड्राफ्ट जारी किया है। UP में अगले साल विधानसभा चुनाव है। ऐसे में संघ के एजेंडे में शामिल जनसंख्या नियंत्रण कानून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। कर्नाटक समेत कुछ अन्य राज्य भी इसमें रुचि ले रहे हैं।

योगी सरकार का तर्क है कि राज्य की आबादी जिस तरह बढ़ रही है, उससे हेल्थ समेत अन्य सुविधाएं देने में दिक्कत आ रही है। जनसंख्या पर काबू करना बेहद जरूरी हो गया है। इससे लोगों को सुविधाएं देने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलेगी।

पर सच तो यह है कि योगी का प्रस्तावित कानून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एजेंडे को आगे बढ़ाता है। संघ के विश्व हिंदू परिषद जैसे अनुषांगिक संगठन लगातार आशंका जता रहे हैं कि अगर मुस्लिमों की बढ़ती आबादी को नहीं रोका गया तो कुछ ही साल में भारत में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे।

आइए समझते हैं कि UP का प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून क्या है? इसमें किस तरह के प्रावधान रखे गए हैं? इस कानून को मुस्लिम विरोधी क्यों बताया जा रहा है?

यूपी पॉपुलेशन ड्राफ्ट बिल क्या है?

  • UP स्टेट लॉ कमीशन (UPSLC) ने उत्तरप्रदेश पॉपुलेशन (कंट्रोल, स्टेबलाइजेशन एंड वेलफेयर) बिल 2021 जारी किया है। प्रस्तावित कानून टू-चाइल्ड पॉलिसी को बढ़ावा देता है। जो लोग दो ही बच्चे पैदा करेंगे, उन्हें कई रियायतों का वादा किया गया है। इसके उलट दो से ज्यादा बच्चे वालों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।
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