बस्तर में 75 दिनों तक मनाए जाने वाले दशहरा पर्व में इस पर्व की प्रमुख रस्म "भीतर रैनी" बुधवार की देर रात अदा की गई, इस रस्म में आदिवासी ग्रामीणों द्वारा हाथ से तैयार की जाने वाली 8 चक्कों के विशालकाय विजय रथ को चलाया जाता है, जिसमें बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छत्र को रखकर बस्तर के आदिवासियों द्वारा रथ चोरी करने की परंपरा निभाई जाती है, लगभग 600 सालों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी बस्तर के आदिवासी बखूबी निभाते हैं....
-बस्तर दशहरा पर्व के इस रस्म में 8 चक्कों के विशालकाय रथ को शहरभर में परिक्रमा लगाया जाता है, और आधी रात को इस रथ को चुराकर माड़िया जाति के लोग मंदिर...