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गुरु घासीदास विश्वविद्यालय द्वारा रूरल टेक्नोलॉजी विभाग में कु. सुरभि पांडेय को डॉक्टरेट उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. भास्कर चौरसिया के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके शोध का विषय स्टडीस आन आइसोलेशन एंड आइडेन्टीफिकेशन ऑफ एंडोफिटिक फंगई एंड देयर बायोएक्टिव मालीक्यूल्स फाम कुरकुमा कैसिया रोबेक्स था। यह शोध पादप कवक और उनके बायोएक्टिव अणुओं के अलग ही पहचान पर केंद्रित था, जो ग्रामीण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है।
जांजगीर (छत्तीसगढ़) निवासी सुरभि पाण्डेय ने अपना प्रजेन्टेशन देते समय बताया कि कर्कुमा कैसीया (काली हल्दी) एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे समय से किया जाता रहा है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य कर्कुमा कैसीया के पत्तों एवं प्रकंद...