छत्तीसगढ़- प्रदेश में पहली बार निजी कोविड सेंटर में 90 वर्षीय वृद्ध ने जीती कोरोना की जंग

 

*छत्तीसगढ़- प्रदेश में पहली बार निजी कोविड सेंटर में 90 वर्षीय वृद्ध ने जीती कोरोना की जंग*

*कोरबा* -कोरोना महामारी ने जहाँ प्रदेश में अपना पैर पसारे हुए है वही अगर हौसला हो तो अंसभव भी संभव हो सकता है। 90 और 70 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग के स्वस्थ होने से कोरोना के अंधेरे में उम्मीदों की लौ जल उठी, शहर के एक निजी टॉप इन टाउन एनकेएच कोविड अस्पताल में उपचार के बाद घर लौट गए है। कई दिनों तक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के बीच डॉक्टरों के सही उपचार, मोटिवेशन के साथ अपनों के प्यार ने दुबे और जायसवाल को कोरोना पर जीत दिलाई है।
एनकेएच कोविड-19 हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर बाहर निकले दोनों बुजुर्गों का हौसला देखने लायक था। उत्साह के साथ अपने दोनों हाथों से मौजूद व्यक्तियों का अभिवादन किया। उन्होंने हॉस्पिटल में डाक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ एवं नर्सेज द्वारा की गई देखभाल की भी तारीफ की। बातचीत में बताया कि हॉस्पिटल में उनके सहित सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखा गया। स्टाफ का व्यवहार भी बेहद अपनत्व से भरा था.
बतादें की 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए यह बीमारी जानलेवा साबित हो रही है लेकिन कोरबा के एक निजी टॉप इन टाउन एनकेएच कोविड अस्पताल ने एक 90 वर्षीय एवं 70 वर्षीय वृद्ध का सफलता पूर्वक इलाज कर एक कीर्तिमान बना दिया है
कोरबा नेहरू नगर निवासी कोरबा के ख्यातिलब्ध शिक्षक गोरेलाल दुबे के पैर हाथ में दर्द होने के कारण एनकेएच हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे जिनका कोरोना टेस्ट कराया गया तब पता चला की वे कोरोना पॉसिटिव है जिन्हे एनकेएच कोविड अस्पताल (होटल टॉप इन टाउन ) में 06 अक्टूबर को इलाज के लिए भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने उम्र के लिहाज से अपनी दोगुनी ऊर्जा के साथ गोरेलाल दुबे की सेवा की इसका परिणाम भी सुखद आया और मात्र 8 दिनों में ही 15 अक्टूबर को पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर लौट गए । वही कोरबा गाँधी चौक निवासी 70 वर्षीय विद्याशंकर जायसवाल को बुखार की शिकायत होने पर कोविड टेस्ट कराया गया जहाँ उनकी रिपोर्ट पॉसिटिव आयी श्री जायसवाल को भी 28 सितंबर को NKH कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ इलाज के बाद 09 अक्टूबर को पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर लौट गए है

*गोरेलाल के पुत्र राजेश दुबे ने कहा धन्यवाद*

90 वर्षीय शिक्षक गोरेलाल दुबे के पुत्र राजेश दुबे ने कहा की बाबूजी को पहले से अस्थमा की शिकायत थी और साँस लेने में तकलीफ थी लेकिन NKH कोविड अस्पताल की व्यवस्थाओ और मेडिकल टीम की सेवा भावी होने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया है उन्होंने बताया की अस्पताल में भर्ती किये जाने के पश्चात् एनकेएच कोविड अस्पताल के डॉक्टर्स एवं मेडिकल स्टाफ ने जिस सेवा भाव से मरीज की देखभाल की उसी का परिणाम है की बाबूजी स्वस्थ होकर घर लौट गए है अभी वे एकदम स्वस्थ है घर में दो अन्य संक्रमित होम आइसोलेशन में है और डॉक्टरों की निगरानी में घर पर ही अपना इलाज करा रहे है

*इलाज पर संतुष्टि जताई जायसवाल ने*

कोरबा गाँधी चौक निवासी 70 वर्षीय विद्याशंकर जायसवाल के पुत्र मनीष जायसवाल से जब बात की गयी तो उन्होंने अपने पिता के इलाज पर संतुष्टि जाहिर करते हुए बताया की पिताजी को बुखार आने पर रेपिड टेस्ट कराया गया जहाँ उनकी रिपोर्ट निगेटिव आयी लेकिन शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने पर सिटी स्केन कराया गया तब लंग्स में इंफेक्शन पाया गया वही इलाज के दौरान ट्रूनेट पीसीआर टेस्ट कराया गया जहाँ रिपोर्ट पॉसिटिव आने पर डॉकटरो ने कोविड की पुष्टि कतरे हुए इलाज प्रारम्भ किया 10 दिनों के इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गए है श्री जायसवाल ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तारीफ करते हुए उन सभी का आभार माना है

*उम्रदराज मरीज का इलाज चुनौती थी हमने चुनौती स्वीकार की*

इस सम्बन्ध में एन के एच कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ अविनाश तिवारी ने बताया की एक 90 वर्षीय और 70 वर्षीय मरीजों के भर्ती होने के बाद उनका इलाज़ एक चुनौती थी लेकिन हमने और हमारी पूरी टीम डॉ सगीर खान,डॉ योगेश साहू,डॉ.शाजिया और नर्सिंग स्टाफ ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए दोगुनी ऊर्जा के साथ संक्रमित मरीजों का इलाज प्रारम्भ किया और अंततः दोनों मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए है लेकिन इलाज के दौरान दोनों ही मरीजों ने इलाज में पूरा सहयोग किया।
डॉ. तिवारी का कहना हैं कि समय रहते जैसे दोनों बुजुर्गों को इलाज मिला और वे कोरोना की जंग जीतने में भी कामयाब रहे घर के बुजुर्ग यदि संक्रमित हैं तो उन्हें गंभीरता से ले और यथोचित इलाज को प्राथमिकता दे.उन्होंने आगे कहा कि नवजवानों से ज्यादा खतरा बुजुर्गों को इस बिमारी से रहता हैं.