फर्जी दस्तावेजों से निकाले लाखों के केसीसी लोन, 21 किसानों पर ठगी का केस दर्ज

राजनांदगांव. किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से फर्जीवाड़ा कर लोन निकालने के मामले में 21 किसानों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिन किसानों के नाम से लोन निकाले गए है, उन्हें मालूम ही नहीं है और उनके नाम से लोन भी जारी हो गया। मामला पंजाब नेशनल बैंक के भंडारपुर शाखा का है। मंगलवार को बैंक के मैनेजर सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने डोंगरगढ़ थाना पहुंचकर 21 किसानों के नाम से धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से केसीसी लोन निकालने का मामला दर्ज कराया।
पीएनबी भंडारपुर ने वर्ष 2013 में 21 किसानों को 52 लाख 57 हजार रुपए का लोन दिया। लोन निकालने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए। इसमें बड़े दलाल और बैंक कर्मियों के शामिल होने की आशंका है। क्योंकि जितने लोगों के आवेदन के साथ दस्तावेज जमा हुए है, वह सारे फर्जी करार हुए हैं। यानी 2013 में लोन की कागजी प्रक्रिया को ही पूरी कर 21 किसानों के नाम से राशि निकाल ली गई। बैंक प्रबंधन ने रिकवरी के लिए जब आवेदन में लिखे गए एड्रेस पर नोटिस भेजा तो पता चला कि जिस किसान के नाम से लोन पास हुआ है, उस नाम का व्यक्ति गांव में नहीं रहता।
बैंक प्रबंधन ने तो जिन किसानों के नाम से केसीसी लोन पास हुए है, उनके खिलाफ धोखाधड़ी करने की शिकायत की है। एफआईआर के बाद अब पुलिस सबसे पहले यह जांच करेगी कि जिनके नाम से लोन पास हुए है, वह किसान वास्तविक रूप से है या नहीं। साथ ही किसान होने पर उनसे जवाब मांगा जाएगा। वहीं इस बड़े फर्जीवाड़े में दलाल की भूमिका ही मुख्य है, जिसने तत्कालीन बैंक मैनेजर के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराया और लाखों के लोन पास करा लिया। पूरी जांच की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट एसीएन न्यूज़